बारूद के ढेर पर अमेरिकी नागरिक
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में एक दिल दहला देने वाली घटना में, आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE Immigration and Customs Enforcement) के एक एजेंट ने 37 वर्षीय रेनी निकोल गुड (Renee Nikole Good) की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे देश में आग लगा दी है। वाशिंगटन से लेकर कैलिफोर्निया तक हजारों लोग सड़कों पर हैं, और ‘ICE Out’ के नारे लगा रहे हैं।
ICE का विरोध कर भागने के दौरान एजेंट ने मारी Renee Nikole Good को गोली
घटना 7 जनवरी, 2026 की सुबह लगभग 9:30 बजे की है। रेनी निकोल गुड अपनी कार में अपनी पत्नी रेबेका के साथ मिनेयापोलिस की एक सड़क पर थीं। तभी ICE एजेंटों के एक दल ने, जो इलाके में एक ‘टारगेटेड रेड’ पर थे, उनकी कार को घेर लिया।वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के अनुसार, एजेंटों ने बेहद आक्रामक तरीके से कार का दरवाजा खोलने की कोशिश की। रेनी (Renee Nikole Good) शांत थीं और उन्होंने एजेंटों से कहा भी कि “मैं आपसे नाराज नहीं हूँ,” लेकिन तभी एक एजेंट ने चिल्लाते हुए उन्हें बाहर निकलने को कहा, जबकि दूसरे ने उन्हें वहां से हटने का निर्देश दिया। विरोधाभासी आदेशों के बीच जैसे ही रेनी ने कार को पीछे की ओर मोड़ा, एजेंट जोनाथन रॉस ने उन पर तीन राउंड फायरिंग कर दी। एक गोली रेनी के सिर में लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कौन थीं Renee Nikole Good ?
रेनी गुड (Renee Nikole Good) केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक माँ, कवयित्री और एक सक्रिय नागरिक थीं। मूल रूप से कोलोराडो की रहने वाली रेनी हाल ही में मिनेसोटा शिफ्ट हुई थीं।पेशेवर परिचय: उन्होंने ‘ओल्ड डोमिनियन यूनिवर्सिटी’ से अंग्रेजी में डिग्री ली थी। रेनी को कविता लेखन के लिए ‘अकादमी ऑफ अमेरिकन पोएट्स प्राइज’ भी मिल चुका था।
रेनी तीन बच्चों जिसमें 15 वर्षीय बेटी और 12 व 6 वर्ष के दो बेटे शामिल हैं, की माँ थीं। उनकी मां डोना गेंजर के अनुसार, वह “सबसे दयालु और दयालु इंसानों में से एक” थीं। वह कोई अपराधी नहीं थीं, बल्कि एक अमेरिकी नागरिक थीं, जो अपनी जान गंवा बैठीं क्योंकि वे एक संघीय छापेमारी के बीच में फंस गई थीं।
ट्रंप ने बदला ICE का मिजाज, बना घातक
ICE (Immigration and Customs Enforcement) अमेरिका की वह संघीय एजेंसी है जिसका मुख्य कार्य अवैध घुसपैठ को रोकना और देश की सीमाओं की सुरक्षा करना रहा है। इसके लिए एजेंसी को कुछ अधिकार दिए गए थे। मेक अमेरिका ग्रेट अगेन का नारा देकर सत्ता में आए डोनाल्ड ट्रंप ने घुसपैठियों के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू किया। इसके लिए उन्होने ICE को असीमित शक्तियां दे दीं। ICE के पास पूर्व में कम घातक हथियार थे जिसमें रबर बुलेट आदि शामिल थे। ट्रंप ने ICE को घातक हथियारों से लैस किया। साथ ही किसी अप्रिय घटना की स्थिति में ICE के अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई से छूट दी। इससे इन पर कानूनी कार्रवाई करना लगभग असंभव हो गया है।
ट्रंप ने 2026 के नए बजट में ICE को 170 अरब डॉलर का अतिरिक्त फंड दिया गया है। उनका लक्ष्य साल भर में 10 लाख से अधिक अवैध अप्रवासियों को देश से बाहर निकालना है।अब ICE केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है। ट्रंप ने उन्हें ‘वर्कप्लेस रेड’ (दफ्तरों पर छापेमारी) और रिहायशी इलाकों में बिना वारंट के तलाशी लेने की व्यापक शक्तियां दी हैं।एजेंटों को अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों से लैस किया गया है, और वे अब ‘स्पेशल रिस्पांस टीम’ के रूप में काम कर रहे हैं, जो युद्ध जैसे हालात में इस्तेमाल की जाती हैं
ICE ने गिरफ्तारियों और निर्वासन के सभी रिकॉर्ड तोड़े
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के इस हिस्से में ICE ने गिरफ्तारियों और निर्वासन (Removals) के पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
कुल गिरफ्तारियां : जनवरी 2025 से अब तक करीब 352,590 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अकेले पिछले कुछ महीनों में गिरफ्तारियों की दर में 60% से अधिक की वृद्धि हुई है।
हिरासत में लोग : दिसंबर 2025 के मध्य तक, ICE की हिरासत में 68,440 लोग थे, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इनमें से लगभग 74% लोगों का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
निर्वासन: पिछले 6 महीनों में हवाई उड़ानों (Removals flights) के जरिए रिकॉर्ड संख्या में लोगों को उनके देश वापस भेजा गया है। सितंबर 2025 में ही 1,464 विमानों ने उड़ान भरी, जो प्रतिदिन औसतन 49 उड़ानें हैं।
गोलीबारी की घटनाएं और हिंसा में भारी इजाफा
पिछले कुछ दिनों में (Immigration and Customs Enforcement) यानी ICE के अभियानों के दौरान हिंसा और गोलीबारी की घटनाओं में भारी वृद्धि देखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच आव्रजन अधिकारियों से जुड़ी कम से कम 16 गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। इसमें छापे के दौरान हथियारों के इस्तेमाल या लोगों को गनपॉइंट पर लेने की कुल 29 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसी दौरान ICE की गोलीबारी में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 7 लोग घायल हुए हैं।

Renee Nikole Good की हत्या से देश भर में उबाल, भारी बवाल
रेनी की हत्या ने एक चिंगारी का काम किया है। देश भर में ICE के खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश फैल गया। वाशिंगटन से कैलीफोर्निया तक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हजारों लोग ICE के विरोध में सड़कों पर हैं। विरोध प्रदर्शनों का स्वरूप: रेनी गुड की मौत के बाद मिनेयापोलिस में ‘जॉर्ज फ्लॉयड स्क्वायर’ के पास एक विशाल मेमोरियल बनाया गया है। प्रदर्शनकारी अब केवल न्याय की मांग नहीं कर रहे, बल्कि “Abolish ICE” (आइस को समाप्त करो) की मांग कर रहे हैं। शिकागो और न्यूयॉर्क में भी बड़े मार्च निकाले गए हैं।
ट्रंप ने बेशर्मी के साथ किया ICE का बचाव
डोनाल्ड ट्रंप ने रेनी गुड (Renee Nikole Good) की हत्या का इस्तेमाल अपने ‘मास डिपोर्टेशन’ (सामूहिक निर्वासन) कार्यक्रम को सही ठहराने के लिए किया है। ट्रंप ने दावा किया है कि रेनी एक “पेड एजीटेटर” (भाड़े की प्रदर्शनकारी) थीं और सुरक्षा अधिकारी ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। हालांकि इसके कोई सबूत नहीं मिले हैं।